मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठ । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये । जिनकी मन के समान गति और वायु के समान वेग है, जो परम जितेन्दिय और बुद्धिमानों में श्रेष्ठ हैं, उन पवनपुत्र वानरों में प्रमुख श्रीरामदूत की मैं शरण लेता हूं!! आज हनुमान जयंती है. हनुमान जयंती को भगवान हनुमान के जन्म दिन के रूप में मनाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि आज के दिन शिव जी के ११वे अवतार के रूप में हनुमान जी का पृथ्वी पर आगमन हुआ था. और उनकाअवतरण भी एक खास मकसद से हुआ था. वो था भगवान विष्णु के अवतार श्री राम की सेवा. हनुमान जी को श्री राम का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है और उनकी अनन्य भक्ति के कारन ही हमेशा श्री राम के साथ हनुमान जी को भी पूजा जाता है. दोनों, भक्त और भगवान के इस रिश्ते को कई लेखो, कहानियो और ग्रंथो में बड़े ही भाव पूर्वक दर्शाया गया है. हिन्दू धर्म की खासियत कहे कि उसमे ऐसी कई कहानियाँ है जो हमे किसी ना किसी भगवान के अवतरण के बारे में बतलाती है. और हर कहानी हमे कोई ना कोई ...





